
भक्ति पाठ
ऋणमुक्ति श्री गणेश स्तोत्रम्
ऋण से मुक्ति की कामना के साथ श्री गणेश की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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ऋण से मुक्ति की कामना के साथ श्री गणेश की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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विद्या की देवी सरस्वती की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। विद्यार्थियों और साधकों में इसका पाठ प्रचलित है। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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मंगल ग्रह की कृपा से ऋण-मोचन की कामना में रचित स्तोत्र का परिचय। मंगलवार को इसका पाठ विशेष प्रचलित है। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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ऋण हरने वाले गणेश की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। गणेश को समर्पित ऋण-मोचन विषयक एक से अधिक स्तोत्र प्रचलित हैं; पाठ अपनी परंपरा के अनुसार समझें।
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भगवान हरि (विष्णु) की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। “जगज्जालपालम्” से आरंभ होने वाला प्रसिद्ध हरि-स्तोत्र इसी परंपरा का है। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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“आरती गजबदन विनायक की” — गजमुख विनायक की प्रचलित आरती। मुखड़ा “सुर-मुनि-पूजित गणनायक की” हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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“गणपति की सेवा मंगल मेवा” — श्री गणपति की प्रचलित आरती। मुखड़ा हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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धनलक्ष्मी — धन और समृद्धि की दात्री लक्ष्मी — की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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धन के अधिपति कुबेर को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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देवताओं के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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“जय गणेश जय गणेश देवा” — गणेश जी की सबसे प्रचलित हिंदी आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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सूर्यदेव को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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पालनकर्ता विष्णु को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित (गीता प्रेस) परंपरा के अनुसार है; सुंदरदास की एक अन्य विष्णु-चालीसा भी प्रचलित है। संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी विंध्येश्वरी माता को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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अन्न की अधिष्ठात्री देवी अन्नपूर्णा माता को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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गोपाल रूप में श्रीकृष्ण को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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संत बाबा गंगाराम को समर्पित चालीसा-पाठ का परिचय। क्षेत्रीय संत-परंपरा में इनकी मान्यता है; पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं। यहाँ दिया गया पाठ एकमात्र उपलब्ध ऑनलाइन संस्करण से पुनर्निर्मित है, जिसमें दो स्थानों पर त्रुटि है; पाठ-संशोधन से पहले किसी विश्वसनीय मुद्रित संस्करण से मिलाएँ।
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माँ काली को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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देवी चामुंडा को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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विघ्नहर्ता गणेश की आठ पदों में स्तुति का परिचय। गणेश को समर्पित एक से अधिक अष्टक-परंपराएँ प्रचलित हैं; पाठ अपनी परंपरा के विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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देवी दुर्गा की आठ पदों में स्तुति का परिचय। नवरात्रि और दुर्गा-उपासना के संदर्भ में इसका पाठ होता है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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भगवान शिव की आठ पदों में स्तुति का परिचय। “प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथम्” से आरंभ होने वाला प्रसिद्ध शिवाष्टक इसी परंपरा का है। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
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देवी सरस्वती की आठ पदों में स्तुति का परिचय। विद्या और कला की साधना से जुड़े भक्तों में इसका पाठ प्रचलित है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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भगवान सूर्य की आठ पदों में स्तुति का परिचय। रविवार के सूर्य-पूजन और छठ जैसे पर्वों से यह परंपरा जुड़ी है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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सत्यनारायण (विष्णु) की आठ पदों में स्तुति का परिचय। सत्यनारायण कथा और व्रत की परंपरा से यह जुड़ा है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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तुलसी माता को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; तुलसी पर एक अन्य “मानस चालीसा” भी प्रचलित है। संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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बटुक भैरव — जिन्हें छोटे शिव जी भी कहा जाता है — को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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त्रिकुटा पर्वत पर विराजमान माँ वैष्णो देवी को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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संतोष की देवी संतोषी माता को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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विद्या की देवी शारदा माता को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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भगवान कृष्ण को समर्पित एक अन्य प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह “बांके बिहारी” पाठ श्री कृष्ण चालीसा (“बंशी शोभित”) से भिन्न रचना है। संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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बाल-कृष्ण (गोपाल) को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह श्री कृष्ण चालीसा (“बंशी शोभित”) और कृष्ण चालीसा (“बांके बिहारी”) से भिन्न रचना है। संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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माँ नर्मदा को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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भगवान विष्णु के अवतार परशुराम को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में कुछ पंक्तियों का क्रम भिन्न मिल सकता है।
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माँ पार्वती को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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पितरों (पूर्वजों) को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। पितृपक्ष में पितर-स्मरण की विशेष परंपरा है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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प्रेतराज सरकार (मेहंदीपुर बालाजी धाम से जुड़ी परंपरा) को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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श्री राधा रानी को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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राजस्थान और गुजरात में पूजित लोकदेवता रामदेव पीर को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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रानी सती (दादी माँ, झुंझुनूं) को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। मारवाड़ी भक्त-समुदाय में इनकी विशेष मान्यता है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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शिरडी के साईं बाबा को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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लक्ष्मी के आठ रूपों (आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, विजय, विद्या) की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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शिव और राम दोनों की एक साथ स्तुति करने वाले इस स्तोत्र का परिचय। हरि-हर एकता की भक्ति-परंपरा से यह जुड़ा है; प्रत्येक पद "शिव हरे विजयं कुरु मे वरम्" की टेक पर समाप्त होता है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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दुर्गा के नौ रूपों (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक) की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। नवरात्रि के नौ दिनों से यह विशेष जुड़ा है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
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