
भक्ति पाठ
हनुमान जी की आरती
“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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देवी-देवताओं और पूजनीय व्यक्तित्वों की आराधना में गाई जाने वाली आरतियाँ पढ़ें। इनके शब्द, धुन और पूजा-क्रम क्षेत्र, मंदिर और परिवार के अनुसार बदल सकते हैं।
आरती प्रायः पूजा के समय दीप या प्रकाश अर्पित करने और स्तुति गाने से जुड़ी होती है। रीति-रिवाज अलग-अलग हैं; यह संग्रह पाठ के लिए शब्द देता है, किसी विधि का निर्देश नहीं।
प्रचलित मुखड़े के भी कई लिखित रूप मिल सकते हैं। अपनी परंपरा में प्रयुक्त पाठ अपनाएँ; लिप्यंतरण या सरल वर्तनी को केवल पढ़ने में सहायक मानें।

भक्ति पाठ
“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“आरती गजबदन विनायक की” — गजमुख विनायक की प्रचलित आरती। मुखड़ा “सुर-मुनि-पूजित गणनायक की” हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“गणपति की सेवा मंगल मेवा” — श्री गणपति की प्रचलित आरती। मुखड़ा हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“जय गणेश जय गणेश देवा” — गणेश जी की सबसे प्रचलित हिंदी आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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