
भक्ति पाठ
हनुमान जी की आरती
“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“आरती गजबदन विनायक की” — गजमुख विनायक की प्रचलित आरती। मुखड़ा “सुर-मुनि-पूजित गणनायक की” हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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भक्ति पाठ
“गणपति की सेवा मंगल मेवा” — श्री गणपति की प्रचलित आरती। मुखड़ा हर छंद के बाद दोहराया जाता है। प्रत्येक छंद के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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“जय गणेश जय गणेश देवा” — गणेश जी की सबसे प्रचलित हिंदी आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
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