Devotional
शनि चालीसा
न्याय के देवता शनि को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ेंAstroNear संग्रह
Devotional
न्याय के देवता शनि को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
विद्या और कला की देवी सरस्वती को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
भगवान शिव के उग्र स्वरूप भैरव को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
ऋषि अगस्त्य से जुड़ी परंपरा में सरस्वती की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
पढ़ेंDevotional
श्रीराम के रक्षा-कवच के रूप में प्रसिद्ध स्तोत्र का परिचय। परंपरा के अनुसार इसकी रचना बुधकौशिक ऋषि ने स्वप्न में प्राप्त मंत्र से की। संस्कृत पाठ विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
पढ़ेंDevotional
नाग देवताओं की स्तुति में रचित स्तोत्र का परिचय। नाग पंचमी पर नाग-स्मरण की विशेष परंपरा है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
भगवान सूर्य की आठ पदों में स्तुति का परिचय। रविवार के सूर्य-पूजन और छठ जैसे पर्वों से यह परंपरा जुड़ी है। पाठ-परंपराओं में शब्द भिन्न हो सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
“आरती कीजै हनुमान लला की” — हनुमान जी की प्रचलित आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
“जय गणेश जय गणेश देवा” — गणेश जी की सबसे प्रचलित हिंदी आरती। प्रत्येक पंक्ति के नीचे सरल अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ दिया गया है। क्षेत्रों और परिवारों में शब्द और धुन भिन्न हो सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
हनुमान जी के आठ पदों में संकट-मोचन स्वरूप का स्मरण। प्रत्येक पद के अंत में “को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो” की टेक आती है। पाठ-परंपराओं में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ेंDevotional
विघ्नहर्ता गणेश की आठ पदों में स्तुति का परिचय। गणेश को समर्पित एक से अधिक अष्टक-परंपराएँ प्रचलित हैं; पाठ अपनी परंपरा के विश्वसनीय संस्करण से मिलाएँ।
पढ़ेंDevotional
महालक्ष्मी को समर्पित प्रचलित चालीसा का संपूर्ण पाठ, प्रत्येक पंक्ति के अंग्रेज़ी अर्थ और हिंदी भावार्थ सहित। यह पाठ प्रचलित मुद्रित परंपरा के अनुसार है; संस्करणों में वर्तनी के छोटे अंतर मिल सकते हैं।
पढ़ें